Abhishek Maurya

Abhishek Maurya

Friday, July 20, 2012

सपने मेरे कुछ अधूरे से,,

सपने मेरे कुछ अधूरे से,,
और  कुछ पुरे से हो गए,,,,
चाहो तो एक दुआ मांग लूँ,,
नाराज न होना,,
अगर मैं आज तुझको मांग लूँ।...

सपने मेरे कुछ अधूरे से....

जिंदगी नहीं है मगर मेरी,
आंखिरी साँसों में,,
तुम्हारी एक बार महक मांग लूँ,,,,
बीते पलों को याद करके,,
तेरी एक मुस्कराहट मांग लूँ।....

सपने मेरे कुछ अधूरे से....

मुझे शिकायत है,,
अपने उस खुदा से,,,
की मेरी आँखों के सपने ,,
उसने किसी और के हाथों की लकीरों में क्यों बनाये,,,
इन हाथों की एक बार जरा सी जरुरत तो देखि होती,,
तो उसको मेरे ऊपर कुछ दया जरुर आई होती।....

सपने मेरे कुछ अधूरे से....

आखिरी साँसों में मुझे तो तुम्हारा साथ नहीं,,
तेरी तस्वीर अपने अश्कों में चाहिए,,,
मेरी तो बस चाहत बस साथ में बिताये गए वो पलों की है,,
जिसमे सिर्फ तेरी और मेरी ख़ामोशी की गूँज हो।....


सपने मेरे कुछ अधूरे से,,
और  कुछ पुरे से हो गए.......






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