Abhishek Maurya

Abhishek Maurya

Saturday, May 5, 2012

ये मेरी दुनिया .....

कुछ  पलों को बिताने चले थे हम,,
जब रखे थे इस दुनिया में नए कदम,,,
कुछ  अनजाने से,,या कुछ पहचाने से,,,
कुछ रुलाने क,,,कुछ हँसाने के,,,
मगर कुछ भी थे,,
सब  याद  रखेंगे  हम।...

ये  मेरी  दुनिया ,,मेरे  यारों की दुनिया,,
कहो तो चार साल की छोटी सी कहानी लिख गये हम।..

पहली बार माँ के आँचल  से दूर हुए  थे हम,,
पापा के आशीष  से जुदा हुए थे हम,,
आँखों में आंसूं भी थे ,, कुछ सपने भी,,,
बस  कुछ  अनजान  रास्तों  को पार करने के लिए,,
नयी-नयी मंजिल  को पाने के लिए,,
घर छोड़ के निकले थे हम....

ये मेरी दुनिया,,

रागिंग  से दुनिया की शुरुआत हुई,,
चाँद को गली देना,,जब तक  बुझ  न  जाए,,
उस  दिन को भी याद करते है हम,,
14-16 रुपैये मिलके,,चिल्ली पोतातो की 
हाल्फ पेलेट को खरीदने के दिन भी याद करेंगे हम,,

फेकेल्टी से उनकी शादी और बर्थडे की पार्टी मांगते मांगते बेशर्मी तक,,
वो दिन कभी नहीं भूलेंगे हम ,,
जिन्होंने दे दिया,,उनको याद रखेंगे हम,,
और जिन्होंने नहीं दिया,,
उनको उनकी इस बात के लिए कभी भी भूल  नहीं पायेंगे हम।..
हमने आपका नमक  खाया है,,इस बात को कभी नहीं भूलेंगे हम।.

फर्स्ट इयर से लेकर आजतक ,,गर्ल  फ्रंड बनाने की होड़ लगी थी सब को,,
आज भी वाही सिंग्ले रह गए,,ये बात  से जलते है हम,,
बीज  कोई और डाले,,खेती और कोई काटें,,
इस  कहावत का सही मतलब आज सीखते है हूम,,
फायनल  इयर में आके किसी के कमिटेड  होने से कितने लोगों के दिल य टूटे है,,
इसकी गिनती करते थकते नहीं है हम।..

लैला मजनू भी कभी-कभी सोचते होगे,,,क्या इश्क  किया था हमने,,,
की हमारा नाम  लेते-लेते,,क्या-क्या न कर लिया साड़ी नौज्वानियत  ने ,,
बस हम थे जो  बस  मर गए,,एक कहानी लिख  गए,
साले कसमो के अलावा कुछ भी नहीं खाते है हमारे नाम  पे,,
बस प्यार करते चले जाते है,,और एक बार भी याद नहीं करते है ये सब।.

ये मेरी दुनिया,,कुछ  मुहबत  से भरी,,कुछ टकराव से भरी,,
इस जिन्दी को जीने का मजा भी है अलग,,
जैसे मीठे का स्वाद ,,आखिर  मिलता हो तीखा खाने के संग,,
ख़ुशी का एहसास होता ही,,कोई हारने के संग,,
नौकरी की क्या औकाद होती है,,इसका भी तब पता चलता है,,
की किसी दोस्त  का हो जाए तब इसका एहसास होता है,,

की जब घर वाले पूछते है ,की तेरे में क्या कमी रह गयी थी,,
की तेरा नहीं हुआ,,तुम्हरे दोस्त का हो गया थ,,
तुम्ही ने पड़ी नहीं की हो,,तुम ही घूमते रहते होगे,,
पैसा इसी दिन के लिए ,,, बर्बाद किया था,की तुमको पड़ा दूं ,,
इन तानो के बाद नौकरी के स्वाद का मजा अलग होता है,,
तब उस  पल  के वक़्त दो आंसुओं का कोई भी मोल  तोल  नहीं सकता है,,
करोरो की खुशियाँ ,,उस वक़्त निछावर करने का मन करता है,,
उधार में सबको पिलाने का भी मन करता है।...

ये दुनिया।..

आज  जब  छोड़ के चले हैं हम,,
रोते भी है,,पछताते भी है,,
और सोचते भी है,,की ये चार साल  इतनी जल्दी बीत गए,,
ये सोच  के,,समय  के सामने सर झुकाते है भी है।.

वादा कोई नहीं करते है हम,,
मगर ऐ दोस्तों  तुमको याद करते रहेंगे हम,,
भूलने की तो बात करते ही नहीं है हम,,
सालों,तुम लोग  भुलाने दोगे भी नहीं,,
इस बात को भी  जानते है  हम।..

मेरी दुनिया,,छोटी सी दुनिया,,
कुछ यादों की,,कुछ  बातों  की,,
मगर कुछ भी कहो,,
तुम  सब  याद आओगे बहत,,
इस बात  को भी बहुत  अची तरह से जानते है हम ।..

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